तुम
ज्वाला बनों
धरतीको दहलाओ
भूकम्पबनों
भू को हिलाओ
पर
#ABVP
का कुछ नहीं बिगाड़सकते
क्योंकि
इसमें सूरजकी आँचहै
गिरि की स्थिरताहै
नदी का प्रवाहहै
धरतीका धैर्यहै
समुद्रकी गहनताहै
पृथ्वीका विस्तारहै
शशिकी शीतलताहै
नक्षत्रों की द्युतिहै
औ हर युवा मनसे
इसकी अविभक्त युतिहै
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