ये वो सूरज है
जो उगा था
उगा है
और उगा ही रहेगा
क्योंकि इसे
सतत्
ऊर्जा मिलती
युवाशक्ति से
जिजीविषा मिलती है
पूर्णकालिक सेवाव्रतियों से
प्रेरणा मिलती है
उन अकिंचन कंचनों से
जिन्होंने राष्ट्रहित किया
सर्वस्व अर्पित
जीवन का कण-कण
समर्पित
रिश्ते-नाते, जान-पहचान औ हालचाल सब जुड़े टके से। टका नहीं यदि जेब में तो रहते सभी कटे-कटे से।। मधुमक्खी भी वहीं मँडराती मकरन्द जहाँ वह पाती ...
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