किसी चीज़ की कीमत कीमत नही होती
कीमत तो उसकी है जिसकी कोई कीमत नही होती
इसलिये हमारी कीमतों को अपनी कीमतों से मत आँकों
क्योकि हमारी कीमतों की कोई कीमत नही होती
उनकी बुलन्दियों की कीमत भी मत आँकों
क्योंकि वो तुम्हारी बुलन्दियाँ नहीं होतीं
आकाशीय पक्षियों की कीमत नहीं आँकी जाती
क्योंकि वे वो पूँजी हैं जो ज़मा नही होती
1 comment:
बहुत अच्छी कविता है ।
धन्यवाद
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